क्या कांग्रेस के भीतर सीनियर और जूनियर नेताओं के बीच का मतभेद सतह पर आ गया है? राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को कहा कि विचारधारा की स्पष्टता में अभाव के कारण पार्टी को नुक़सान हो रहा है.

[Has the differences between senior and junior leaders come to the surface within the Congress? Rajya Sabha MP and senior Congress leader Digvijay Singh said on Thursday that due to lack of clarity of ideology, the party is suffering losses.]

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर सीनियर और जूनियर में मतभेद की मनगढ़ंत मीडिया प्रायोजित कहानियों से ज़्यादा नुक़सान विचारधारा को लेकर स्पष्ट नहीं होने के कारण पार्टी का नुक़सान हो रहा है.

[He said that due to not being clear about the ideology of damage more than the concocted media sponsored stories of differences between senior and junior within the Congress, the party is being damaged.]

दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कांग्रेस के भीतर चल रही उस बहस को आगे बढ़ा दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किस तरह से निशाने पर लिया जाना चाहिए.

[Digvijay Singh has taken forward the debate going on within the Congress on how Prime Minister Narendra Modi should be targeted.]

दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, ”वैचारिक अस्पष्टता ही ढुलमुल रुख़ की वजह है. आरएसएस का सामना करने में हिचक क्यों है? ध्रुवीकरण की विभाजनकारी विचारधारा, ग़रीब विरोधी, किसान विरोधी और मज़दूर विरोधी नीतियों के कारण भारत की एकता और अखंडता बर्बाद हो रही है. इससे आर्थिक और सामाजिक सद्भावना भी ख़राब हो रही है.”

[Digvijay Singh tweeted and said, “The ideological ambiguity is the reason for the frowning attitude.” Why is there any reluctance to face RSS? The unity and integrity of India is being ruined by the divisive ideology of polarization, anti-poor, anti-farmer and anti-labor policies. Due to this economic and social goodwill is also deteriorating. ”]

कांग्रेस के भीतर इस बात की बहस चल रही है कि नरेंद्र मोदी पर हमला कैसे किया जाना चाहिए. मंगलवार को यह बहस तब शुरू हुई जब पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना होनी चाहिए न कि सीधे मोदी पर हमला किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री ऑफिस पर हमले से कहीं अर्थ का अनर्थ न हो जाए. ऐसा उन्होंने कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में कहा था.

[There is a debate within the Congress about how Narendra Modi should be attacked. The debate started on Tuesday when former Union Minister RPN Singh said that the policies of the Modi government should be criticized and not directly attacked by Modi. He said that the attack on the Prime Minister’s Office should not make any sense of meaning. He said this in the meeting of the Congress Working Committee.]

इकनॉमिक टाइम्स में रिपोर्ट छपी कि आरपीएन सिंह के इस तर्क को कांग्रेस के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी ने ख़ारिज कर दिया. रिपोर्ट के मुताबिक़ राहुल ने कहा कि वो मोदी पर हमले से डरते नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की हर नीति प्रधानमंत्री से होकर जाती है.

[The report appeared in The Economic Times that this argument of RPN Singh was rejected by former Congress chief Rahul Gandhi. According to the report, Rahul said that he is not afraid of attacking Modi. He said that every policy of the government goes through the Prime Minister.]

दिग्विजय सिंह ने अपने अगले ट्वीट में कहा है, ”कांग्रेस के भीतर वो कौन है जो राहुल जी और प्रियंका जी का विरोध कर रहा है? कोई एक भी सीनियर नेता का नाम बताएगा? पूरी कांग्रेस नेहरू-गांधी परिवार के साथ खड़ी है. यह परिवार पूरी कांग्रेस को एकजुट रखता है. पार्टी नेताओं के भीतर सबसे ज़्यादा ज़रूरी यह है कि वो वैचारिक रूप से स्पष्ट रहें न कि सीनियर और जूनियर में उलझें.”

[Digvijay Singh has said in his next tweet, “Who is the one within the Congress who is opposing Rahul ji and Priyanka ji?” Will anyone name a senior leader? The entire Congress stands with the Nehru-Gandhi family. This family keeps the entire Congress united. The most important thing within the party leaders is that they should be ideologically clear and not get entangled in senior and junior.]

आपातकाल की 45वीं वर्षगांठ पर गृह मंत्री अमित शाह ने 23 जून को सीडब्ल्यूसी में हुई बहस का हवाला देते हुए ट्वीट कर लिखा था कि आपातकालीन मानसिकता का ही ये परिचायक है कि जो नेहरू-गांधी परिवार से संबंधित नहीं है वो बोल नहीं सकता.

[On the 45th anniversary of the Emergency, Home Minister Amit Shah tweeted on June 23, citing the debate in the CWC, that it is a reflection of the emergency mindset that anyone who does not belong to the Nehru-Gandhi family cannot speak.]

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अमित शाह के ट्वीट के जवाब में लिखा, ”यह कोई छुपी हुई बात नहीं है कि पिछले तीन दशक से गांधी परिवार के किसी शख़्स ने किसी पावर वाले पद को नहीं लिया. इस परिवार ने हमेशा कैडर और ग्राउंड वर्कर को आगे बढ़ाया है. मैं भी इसका उदाहरण हूं. बीजेपी का अमित शाह और मोदी ने हाइजैक कर लिया है.”

[In response to Amit Shah’s tweet, Rajasthan Chief Minister Ashok Gehlot wrote, “It is not a hidden thing that no person from the Gandhi family has taken any power post for the last three decades. This family has always taken forward cadre and ground worker. I am also an example of this. BJP’s Amit Shah and Modi have hijacked. ”]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here