कोरोना वायरस महामारी के बीच खेलों की वापसी होने लगी है. फुटबॉल लीग के बाद क्रिकेट भी इस महीने से शुरू हो गया. इन दिनों वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज खेली जा रही है और अगले महीने से पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड के साथ सीरीज खेलेगी. हालांकि सीरीज से पहले खिलाड़ियों को 2 हफ्ते तक क्वारंटीन रखा गया. इस हालात के बारे में सोचते हुए पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने कहा है कि अगर पहले के दौर में क्वारंटीन जैसे हालात होते, तो पाकिस्तानी खिलाड़ी एक-दूसरे का गला पकड़ने लग जाते.

पाकिस्तानी टीम को अगस्त के महीने में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट और टी20 सीरीज खेलनी है. इस सीरीज के शुरू होने से कई दिन पहले ही पाकिस्तानी टीम इंग्लैंड पहुंच चुकी है और 2 हफ्ते के लिए सभी खिलाड़ियों और स्टाफ को क्वारंटीन किया गया था.

कोरोना महामारी के कारण आईसीसी ने किसी भी दौरे के शुरू होने से पहले टीम को क्वारंटीन किए जाने का नियम तय किया है.

एक दूसरे से लड़ रहे होते खिलाड़ी

हालांकि पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर मुदस्सर नजर का मानना है कि अगर पुराने दौर में खिलाड़ियों को इतने दिनों तक क्वांरटीन करने वाली स्थिति होती, तो पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के हाल अच्छे नहीं होते.

मुदस्सर नजर ने एक पाकिस्तानी चैनल के साथ बातचीत में कहा, “मैं ये सोचता हूं कि अगर 90 के दशक जैसी टीम को कोरोना जैसे हालातों में एक साथ रहना पड़ता तो क्या होता. मुझे लगता है कि कुछ खिलाड़ी लड़ रहे होते और एक-दूसरे का गला दबा रहे होते.”

90 के दशक और 2000 के पहले दशक में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम में अंदरूनी कलह और खिलाड़ियों में झगड़े की बातें बेहद आम थीं और कई बार खिलाड़ी एक-दूसरे से भिड़ चुके थे.

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