DELHI RIOTS

नई दिल्ली। दिल्ली दंगों की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद से शुक्रवार को 3 घंटे तक पूछता की। उमर खालिद पर कथिर तौर पर संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़काउ भाषण देने का आरोप है। खालिद पर UAPA के तहत केस दर्ज किया गया है।

दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने करीब 3 घंटे तक फरवरी माह में दिल्ली में हुए दंगों के बारे में उससे पूछताछ की और उसका फोन भी जब्त कर लिया। पुलिस का दावा है कि दिल्ली में एक सुनियोजित साजिश के तहत दंगे करवाए गए थे। इसकी प्लानिंग काफी समय पहले से ही हो गई थी।

दंगों के दौरान खालिद ने लोगों से की थी ये अपील

फरवरी माह में संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ जब पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा था, उस समय दिल्ली में 24-26 फरवरी के दौरान दंगे भड़के थे। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो दिवसीय भारत दौरे पर आए हुए थे। गौरतलब है कि तब उमर खालिद ने भड़काउ भाषण दिए थे। उसने प्रदर्शनकारियों से सड़कों पर आने और रास्तों को अवरुद्ध करने की अपील की थी ताकि पूरी दुनिया में ये संदेश जाए कि भारत में अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय हो रहा है।

LG के आदेश पर वकीलों की नियुक्ति

बता दें कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में पैरवी करने के लिए उपराज्यपाल अनिल बैजल के निर्देश पर दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने वकीलों की नियुक्ति कर दी है। इस संबंध में गुरुवार को दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।

इसमें सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू, एडवोकेट अमित महाजन और रजत नायर शामिल हैं।

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