SBI Fastag

नई दिल्ली. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने सभी FASTag ग्राहकों को जुर्माना से बचने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के नए नोटिफिकेशन का पालन करने के लिए कहा है.

SBI (State Bank of India) ने ट्वीट कर ग्राहकों से अनुरोध किया है कि हम अपने सभी SBI FASTag ग्राहकों से अनुरोध करते हैं कि वे FASTag के बिना FASTag लेन में प्रवेश न करें, साथ ही अगर आपका FASTag काम नहीं कर रहा है या फिर अमान्य है तो आपको नेशनल हाइवेज पर दोगुना टोल भरना पड़ सकता है. फास्टैग होने पर भी दोगुना टोल न लगे, इसके लिए जरूरी है कि फास्टैग में पर्याप्त रिचार्ज रहे और यह मुड़ा हुआ या डैमेज न हो, ताकि यह ठीक से काम कर सके.

SBI Fastag

ये हैं रूल

  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नेशनल हाइवेज फी (डिटरमिनेशन ऑफ रेट्स एंड कलेक्शन) रूल्स, 2008 में संशोधन को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया है.
  • नोटिफिकेशन के मुताबिक, अगर आप बिना फास्टैग लगे व्हीकल के साथ टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन में घुस जाते हैं, तब तो आपको व्हीकल कैटेगरी के मुताबिक दोगुना टोल देना होगा.
  • लेकिन साथ ही अगर आपके व्हीकल पर फास्टैग लगा है लेकिन वह काम नहीं कर रहा है या अमान्य है, ऐसी स्थिति में भी आपको दोगुना टोल भरना होगा.
  • इस संशोधन से पहले केवल बिना फास्टैग लगी गाड़ी के साथ टोल प्लाजा की फास्टैग लेन में घुसने पर ही दोगुना टोल देना होता था.

फास्टैग कैसे करता है काम

Fastag

फास्टैग एक रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान टैग है, जो गाड़ियों के आगे के शीशे पर लगा होता है. जब फास्टैग की मौजूदगी वाला व्हीकल टोल प्लाजा से गुजरता है तो टोल टैक्स फास्टैग से जुड़े प्रीपेड या बचत खाते से स्वत: कट जाता है. इस लेन-देन के लिए गाड़ियों को रुकने की जरूरत नहीं होती. व्हीकल ओनर को रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ट्रांजेक्शन की सूचना मिल जाती है. इससे समय की बचत होती है और व्हीकल बेरोकटोक गंतव्य की ओर जा सकते हैं.

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