नई दिल्ली. अगर आप भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहक हैं और एक साल में अपने अकाउंट से 20 लाख रुपये की नकदी निकासी करते हैं यह खबर आपको जरूरी पढ़ना चाहिए. ऐसी स्थिति में SBI ने टैक्स से बचने के लिए खास तरीका बताया है. देश के इस सबसे बड़े बैंक ने बताया है कि ऐसी स्थिति में कैस टीडीएस (TDS- Tax Deducted at Source) से बचा जा सकता है. इसके लिए आपको बस तीन स्टेप्स को फॉलो करना होगा.

दरअसल, अगर बीते तीन साल में कोई इनकम टैक्स रिटर्न नहीं फाइल किया गया है कि और सालाना 20 लाख या इससे अधिक की नकदी निकासी की जाती है तो सेक्शन 194N के तहत TDS कट जाता है. एसबीआई ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से इस बारे में जानकारी दी है. आइए जानते हैं इसके बारे में.

आपको क्या करना चाहिए?

1. इसके लिए सबसे पहले तो आपको बैंक में अपने पैन कार्ड की डिटेल्स जमा करनी होगी. अगर आपने पहले से ही पैन कार्ड डिटेल्स (PAN Card Details) दी है तो दोबार इसे जमा करने की जरूरत नहीं है.

2. पैन कार्ड न होने की वजह से टैक्स देयता बढ़ जाती है.

3. बैंक को अपना इनकम टैक्स रिटर्न की डिटेल्स देनी होगी.

अगर आपने पिछले 3 साल में एक बार भी इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया है तो 1 जुलाई 2020 से अब आपको इस दर पर ब्याज देना होगा.

1. सालाना 20 लाख रुपये की कैश विड्रॉल करते हैं तो पैन जमा करने या न करने की स्थिति में कोई ब्याज नहीं देना होगा.

2. अगर 20 लाख 1 रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का कैश विड्रॉल करते हैं और पैन कार्ड डिटेल्स जमा किया है तो आपको 2 फीसदी टैक्स कट सकता है. वहीं, पैन​ डिटेल्स नहीं जमा करने की स्थिति में 20 फीसदी टीडीएस देना पड़ सकता है.

3. अगर किसी व्यक्ति ने 1 करोड़ रुपये से अधिक का कैश विड्रॉल किया है और पैन कार्ड डिटेल्स जमा है तो 5 फीसदी टीडीएस देना होगा. अगर पैन कार्ड डिटेल्स नहीं जमा है तो 20 फीसदी टीडीएस देना होगा.

SBI ने बताया है कि जिन ग्राहकों ने पिछले 3 साल में से किसी भी साल इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरा है तो उनसे 1 करोड़ रुपये की अधिक निकासी पर 2 फीसदी की दर से टैक्स काटा जाता रहेगा.

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