नई दिल्ली. महत्वपूर्ण परीक्षणों में सुरक्षित और प्रभावी पाये जाने से पहले एक कोरोना वायरस वैक्सीन को मंजूरी देने के रूस के फैसले ने इस बात को लेकर चिंता खड़ी कर दी है कि एक टीके की खोज के दौरान राजनीति सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्रभावित करेगी. रूस की अक्टूबर से ही जल्द से जल्द बड़े पैमाने पर इसे लोगों को दिये जाने की योजना अन्य सरकारों पर वैक्सीन के नियामकों को छोड़ आगे बढ़ने और प्रमुख कदमों को छोड़ने के लिए दबाव डाल सकती है, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती हैं. रूस में सामने आने वाली कोई भी बड़ा झटका टीकों में विश्वास को नुकसान पहुंचा सकता है.

दुनिया भर में 7,50,000 से अधिक लोगों की जान लेने वाले संकट को समाप्त करने वाले टीके के लिए दांव पर कई सारी बातें लगी हैं. ट्रम्प प्रशासन ऑपरेशन वार्प स्पीड के साथ आगे बढ़ रहा है. यह कोविड वैक्सीन के निर्माण और विनिर्माण में तेजी लाने के लिए एक अभूतपूर्व अमेरिकी प्रयास है. और इसके साथ ही चीन भर में टीकाकरण करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास चल रहा है. रूस की वैक्सीन की बात ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (President Vladimir Putin) की 11 अगस्त की घोषणा ने एक नया मोड़ जोड़ दिया है.

रूसी राष्ट्रपति ने अपनी बेटी को टीका दिये जाने की कही थी बात

बता दें कि इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को घोषणा की थी कि उनके देश ने कोरोना वायरस के खिलाफ दुनिया का पहला टीका विकसित कर लिया है जो कोविड-19 से निपटने में ”बहुत प्रभावी ढंग से” काम करता है और ”एक स्थायी रोग प्रतिरोधक क्षमता” का निर्माण करता है. इसके साथ ही उन्होंने खुलासा किया कि उनकी बेटियों में से एक को यह टीका पहले ही दिया जा चुका है.पुतिन ने कहा, ”कोरोना वायरस के खिलाफ आज सुबह दुनिया में पहली बार एक टीके का पंजीकरण किया गया है.” आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘तास’ ने पुतिन के हवाले से कहा, ”मैं जानता हूं कि यह बहुत ही प्रभावी ढंग से काम करता है और एक स्थायी रोग प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण करता है।”

कई लोग पहले ही टीके को लेकर जता चुके हैं चिंता

पुतिन की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स अजार ने कहा है कि कोविड-19 का पहला टीका बनाने की जगह कोरोना वायरस के खिलाफ एक प्रभावी और सुरक्षित टीका बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है.

ताइवान की यात्रा पर पहुंचे अजार से एबीसी ने मंगलवार को पूछा कि रूस की इस घोषणा के बारे में वह क्या सोचते हैं कि वह कोरोना वायरस के टीके का पंजीकरण करने वाला पहला देश बन गया है. अजार ने कहा, ”विषय पहले टीका बनाने का नहीं है. विषय ऐसा टीका बनाने का है जो अमेरिकी लोगों और विश्व के लोगों के लिए सुरक्षित तथा प्रभावी हो.”

उन्होंने कहा कि टीके की सुरक्षा और इसके प्रभाव को साबित करने के लिए पारदर्शी डेटा का होना महत्वपूर्ण है. इंपीरियल कॉलेज लंदन में रोग प्रतिरोधक क्षमता विज्ञान के प्रोफेसर डैनी आल्टमैन ने साइंस मीडिया सेंटर से कहा कि पूर्ण परीक्षण से पहले टीका जारी किए जाने से चिंताएं बढ़ गई हैं.

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