कोरोना काल में उत्तर प्रदेश सरकार ने लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है. योगी सरकार इस कदम के साथ उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य होगा जो कि इतने बड़े पैमाने पर रोजगार मुहैया कराएगा.

नई दिल्ली: कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान की शुरुआत की. इस अभियान ते तहत एक करोड़ से ज्यादा स्थानीय व प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे.

[Amidst the Corona crisis, Prime Minister Narendra Modi today launched the self-sufficient Uttar Pradesh Employment Campaign through videoconferencing. Under this campaign more than one crore local and migrant workers will be provided jobs.]

यह अभियान 125 दिनों तक चलेगा प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अंतर्गत अकेले मनरेगा योजना के तहत गोंडा, बलरामपुर सहित 31 जिलों के लिए करीब 900 करोड़ रुपये की कार्य योजना तैयारी की है. अभियान के पहले दिन एक साथ करीब 65 लाख लोगों को एक साथ रोजगार देने की तैयारी है. यह अभियान 125 दिनों तक चलेगा.रोजगार पाने वाले लोगों में 50 प्रतिशत लोग वो होंगे, जो मनरेगा के तहत रजिस्टर्ड हैं.

[This campaign will run for 125 days. The state government has prepared an action plan of about 900 crore rupees for 31 districts including Gonda, Balrampur under the MNREGA scheme alone under the Pradhan Mantri Garib Kalyan Rozgar Abhiyan. There is a preparation to provide employment to about 65 lakh people simultaneously on the first day of the campaign. This campaign will run for 125 days. 50 percent of the people getting employment will be those who are registered under MNREGA.]

36 लाख प्रवासी कामगारों का पूरा डेटा बैंक मैपिंग के साथ तैयार प्रदेश सरकार के पास 36 लाख प्रवासी कामगारों का पूरा डेटा बैंक मैपिंग के साथ तैयार है. योगी सरकार इन कामगारों को एमएसएमई, एक्सप्रेस-वे, हाइवे, यूपीडा, मनरेगा जैसे तमाम क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार से जोड़ भी चुकी है. अब ये आंकड़ा एक करोड़ के पार पहुंचने वाला है. इतना ही नहीं, प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने और खुद को तकनीकी रूप से अपग्रेड करने के लिए 5 मई को 57 हजार से अधिक इकाइयों को ऑनलाइन लोन दिया गया था.

[Prepared with full data bank mapping of 36 lakh migrant workers, the state government has complete data bank mapping of 36 lakh migrant workers. The Yogi government has also linked these workers with large-scale employment in all sectors like MSME, Expressway, Highway, UPDA, MNREGA. Now this figure is going to reach one crore. Not only this, to strengthen the MSME sector in the state and to upgrade itself technically, more than 57 thousand units were given online loans on 5 May.]

योगी आदित्यनाथ ने कहा था हामरे लोग हमारी ताक़त हैं. हमारी पूंजी हैं लॉकडाउन के दौरान बाहर से लोगों को अपने यहां लाने की शुरुआत सबसे पहले योगी आदित्यनाथ ने की थी. हरियाणा बस भेज कर उन्होंने मज़दूरों को घर बुलवाया था. इसके बाद तो कुछ और राज्यों में भी बसें भेजी गई थीं. जब श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलने लगे तो लाखों लोग यूपी आए. क़रीब 36 लाख प्रवासी लोग यूपी में अपने घर लौटे. तब सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था ये लोग हमारी ताक़त हैं. हमारी पूंजी हैं.

[Yogi Adityanath had said that our people are our strength. Yogi Adityanath was the first to start bringing people from outside during his lockdown. By sending a Haryana bus, he called the workers home. After this, buses were also sent to some other states. When the workers started running special trains, lakhs of people came to UP. Nearly 36 lakh migrant people returned to their homes in UP. Then CM Yogi Adityanath had said that these people are our strength. Are our capital.]

यूपी में स्किल मैपिंग के जरिए बनाई गई रणनीतिसीएम योगी ने वादा किया था ऐसे लोगों के उनके घर के पास ही रोज़गार देने की कोशिश की जाएगी. इसके लिए देश में पहली बार यूपी में स्किल मैपिंग का काम शुरू हुआ. डाटा तैयार किया गया कि कौन लोग किस तरह का काम करते हैं. जैसे बढ़ई, लुहार, सोनार, दर्ज़ी, कंप्यूटर रिपेयर करने वाले, गाड़ी की मरम्मत का काम करने वाले, राज मिस्त्री जिनके पास कोई हुनर नहीं है उनमें से कुछ को मनरेगा का काम दिया गया. कुछ लोगों को रियल एस्टेट में काम मिला. इसके लिए रियल एस्टेट डेवलपरों के संगठन नरडेका से समझौता किया गया. इसे रोज़गार अभियान नाम दिया गया है. राज्य के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी बताते हैं कि शुरूआत में 31 ज़िलों में ये योजना शुरू की गई है.

[A strategy created by skill mapping in UP CM Yogi promised that such people will be tried to provide employment near their house. For this, skill mapping started in UP for the first time in the country. Data has been prepared for who do what kind of work. For example, carpenters, blacksmiths, sonars, tailors, computer repairers, car repair workers, Raj Mistry, who have no talent, some of them were given MNREGA work. Some people found work in real estate. For this, an agreement was reached with Nardeka, an association of real estate developers. It is named Rozgar Abhiyan. State’s Additional Chief Secretary Avnish Awasthi says that initially this scheme has been started in 31 districts.]

यूपी में क़रीब 90 लाख छोटे और लघु उद्योग यूपी में क़रीब 90 लाख छोटे और लघु उद्योग हैं. योगी सरकार का दावा है कि अगर इनसे एक भी आदमी को जोड़ दिया गया तो 90 लाख को रोज़गार मिल जाएगा. नोएडा में गार्मेंट्स की क़रीब 3500 फ़ैक्टरियाँ हैं. जिनमें दो लाख लोगों की ज़रूरत थी. स्किल मैपिंग में प्रवासी लोगों में से 64000 दर्ज़ी पाए गए.

[There are close to 90 lakh small and small scale industries in UP. There are about 90 lakh small and small scale industries in UP. The Yogi government claims that if a single person is added to them, then 90 lakh will get employment. Garments has around 3500 factories in Noida. In which two lakh people were needed. In skill mapping, 64000 tailors were found among the migrants.]

मजदूरों को स्किल के हिसाब से मिल रहा है काम, अपना बिजनेस शुरू करने वालों को लोन की सुविधायूपी में एमएसएमई के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल बताते हैं कि हमने गार्मेंट्स कंपनियों को उनकी ज़रूरत के हिसाब से लोग दे दिए हैं. वे कहते हैं कि जिसको जिस काम का अनुभव है, उसे हम उसी सेक्टर में काम दिलाने में लगे हैं. जो लोग अपना काम धंधा खुद करना चाहते हैं, उन्हें बैंकों से कम ब्याज पर लोन दिया जा रहा है. योगी आदित्यनाथ कह चुके हैं कि बाहर कमाने वाले जो लौटे हैं उन्हें अब फिर बाहर नहीं जाने देंगे. सीएम योगी ने कहा था कि वे पीएम नरेन्द्र मोदी के संकट को अवसर में बदलने के मंत्र को सच साबित कर दिखाएंगे.

[Navneet Sehgal, Principal Secretary, MSME, says that we have given people to the Garments companies according to their need. They say that we are engaged in providing work in the same sector to anyone with experience. Those who want to do their own business, they are being given loans from banks at low interest. Yogi Adityanath has said that those who earn outside will not let them go out again. CM Yogi had said that he will show the truth of PM Narendra Modi’s mantra of turning the crisis into opportunity.]

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