नई दिल्ली। उड्डयन नियामक डीजीसीए ने एक पायलट द्वारा एयर एशिया एयरलाइन्स सुरक्षा मानकों का उल्लघंन करने के आरोप लगाये जाने के दो हफ्ते बाद एयरलाइन्स के एक शीर्ष अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उल्लेखनीय है कि पायलट फ्लाइंग बीस्ट नाम से लोकप्रिय चलाता है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अधिकारियों ने बताया, ”पायलट के आरोपों के बाद एयर एशिया के परिचालन प्रमुख मनीष उप्पल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।”

एयर एशिया इंडिया को डीजीसीए ने थमाया नोटिस

एयर एशिया इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, ”एयर एशिया इंडिया नोटिस मिलने की पुष्टि करता है और हम तथ्यों की अन्वेषण प्रक्रिया में नियामक की सहायता कर रहे हैं।

हम नियामक का पूरी तरह से सहयोग करेंगे।” उल्लेखनीय है कि लोकप्रिय यूट्यूबर कैप्टन गौरव तनेजा ने 14 जून को ट्वीट किया था कि एयर एशिया ने विमानों के सुरक्षित परिचालन और यात्रियों के साथ खड़ा होने की वजह से उन्हें निलंबित कर दिया। तनेजा ने 15 जून को यूट्यूब पर विस्तृत वीडियो जारी किया जिसका शीर्षक था, ” पायलट की मेरी नौकरी से निलंबित किये जाने के पीछे का कारण।” तनेजा ने वीडियो में आरोप लगाया कि विमानन कंपनी ने पायलटों से 98 प्रतिशत तक विमानों को ” फ्लैप तीन” मोड में उतारने को कहा जिससे ईंधन की बचत होती है।

जांच के दायरे में एयर एशिया

उन्होंने कहा कि अगर पायलट 98 प्रतिशत विमानों को उतारने की प्रक्रिया में ‘फ्लैप-तीन’ मोड का अनुपालन नहीं करते तो एयरलाइन्स उसे मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) का उल्लंघन मानती है। उल्लेखनीय है कि फ्लैप विमान के पंखों का हिस्सा होता है जिसका इस्तेमाल विमान को उतारने और उड़ान भरते वक्त अवरोधक बल के तौर पर किया जाता है। डीजीसीए ने 15 जून को ट्विटर पर कहा कि उसने विमानन कंपनी के खिलाफ कुछ हितधारकों की चिंता को संज्ञान में लिया है। नियामक ने कहा, ” डीजीसीए ने उठाए गए मामले पर जांच शुरू कर दी है और जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई करेगा।” डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने 15 जून को ही पुष्टि की थी कि तनेजा के आरोप के मद्देनजर एयर एशिया जांच के दायरे में है।

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