चीन (China) के 59 ऐप को बैन करने के बाद मोदी सरकार चीन को सबसे बड़ा झटका देने की तैयारी कर ली है. इसी सप्ताह चीन को भारत ऐसा झटका देने वाला है जिससे चीन पूरी तरह हिल जाएगा. कारोबार के क्षेत्र में पिछले एक महीने में चीन को भारत अबतक हजारों करोड़ रुपये का झटका दे चुका है. लेकिन, अब एक ऐसा फैसला लिया जा चुका है, जिसकी धधक बीजिंग तक दिखाई देगी. केंद्र सरकार ने ‘कंज्यूमर प्रोटेक्शन (ई-कॉमर्स) रूल्स, 2020’ तैयार किया है, उससे चीन की सारी चतुराई ही खत्म हो सकती है. जानकारी के मुताबिक यह नई नियावली इसी हफ्ते में लागू होने वाली है, जिससे भारत में चीन के विशाल इलेक्ट्रॉनिक कारोबार ठप होने की संभावना है.

केंद्र का ये कदम देगा चीन को बड़ा झटका

नए नियम के मुताबिक सभी विक्रेताओं के लिए अपने इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर ‘कंट्री ऑफ ऑरिजिन’ यानि जिस देश में वह प्रोडक्ट बना है, उसका नाम देना अनिवार्य हो जाएगा. मतलब अब कोई भी उपभोक्ता सामान पर लिखे देश के नाम से जान जाएगा कि वह बना कहां है. अब उपभोक्ताओं को मालूम हो जाएगा कि वो जो सामान खरीद रहे हैं, वह भारत में बना है या दूसरे देश से आया है दूसरे देश से आया है तो वह देश कौन सा (चीन) है. जाहिर है कि इस समय देश में इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों में चीन के माल की ही भरमार है अगर प्रोडक्ट पर यह बात प्रामाणिकता के साथ लिखी रहेगी तो मौजूदा माहौल में उपभोक्ता उसका नाम देखकर उसे खरीदने का इरादा बदल भी सकते हैं.

नियमों में किए कई बदलाव

नए नियमों के मुताबिक ई-कॉमर्स कंपनियों को भी सामानों के दाम दी जा रही सेवाओं का पूरा ब्रेकअप देना अनिवार्य किया जा रहा है. इसके साथ ही कंपनी को सामानों की एक्सपायरी डेट कंट्री ऑफ ऑरिजिन जैसी जानकारियों खरीदारों को खरीदारी से पहले ही देनी होगी, ताकि उसे पता रहे कि वह जो सामान खरीद रहा है, वह बना कहां है.ई-टेलर्स कंपनियों को पहले ही सामान के रिटर्न, रिफंड, एक्सचेंज, वारंटी-गारंटी, शिकायतों के निवारण जैसी जानकारियों का भी पूरा विवरण पहले से देना होगा ताकि खरीदार पूरी जानकारी के मुताबिक ही निर्णय ले.

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