अमेरिका में अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की हिरासत में मौत के बाद इस घटना के खिलाफ कई दिनों से लगातार हिंसक प्रदर्शन चल रहा है। अमेरिका में यह हिंसक प्रदर्शन देश में पिछले कई दशकों में सबसे खराब नागरिक अशांति माना जा रहा है गौरतलब हो कि देश में यह प्रदर्शन 140 शहरों तक पहुंच गया है।

माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने अफ्रीकी-अमेरिकी समुदाय के साथ एकजुटता दिखाते हुए कहा कि समाज में ”नफरत और नस्लवाद” के लिए कोई जगह नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि सहानुभूति तथा आपसी समझ के साथ और अधिक प्रयास किए जाने की जरूरत है।

वहीं हिंसा रोक पाने में अधिकारियों के विफल रहने के बाद न्यूयॉर्क सिटी में सोमवार देर रात कर्फ्यू लगा दिया गया।

देश के अन्य शहरों की तरह न्यूयॉर्क में भी रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू रहेगा।

नडेला ने सोमवार को एक ट्वीट किया, ”हमारे समाज में नफरत और नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं है। सहानुभूति और आपसी समझ एक शुरुआत है, लेकिन हमें और अधिक प्रयास करने चाहिए।”

नडेला ने कहा, ”मैं अफ्रीकी-अमेरिकी समुदाय के साथ खड़ा हूं और हम अपनी कंपनी में और अपने समुदायों में ऐसा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

इससे एक दिन पहले गूगल के सीईओ सुंदर पिचई ने अफ्रीकी-अमेरिकी समुदाय के साथ एकजुटता व्यक्त की। नडेला की माइक्रोसॉफ्ट ने भी कहा कि कंपनी में काले और अफ्रीकी-अमेरिकी समुदाय की आवाज बुलंद करने के लिए वे मंचों का इस्तेमाल करेंगे। इन विरोध प्रदर्शनों में 4,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है और 40 शहरों में कर्फ्यू लगा है।

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