नई दिल्ली। अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम 5 अगस्त को निर्धारित किया गया है, इस भूमि पूजन का विधान तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पूजन के प्रथम चरण में सूर्यादि नवग्रह का आह्वान किया जाएगा। वही दूसरे चरण में इंद्रादि प्रधान देवताओं एवं गंधर्वों का आह्वान की होगा जबकि तीसरे चरण में महागणपति पूजन के साथ भूमि पूजन किया जाएगा और इन तीनों चरणों के दौरान वैदिक ब्राह्मणों द्वारा चतुर्वेद पारायण निरंतर होता रहेगा। इस राम मंदिर भूमि पूजन के साक्षी काशी के तीन विद्वान होंगे।

पूजन की निगरानी करेंगे विद्वत परिषद के 3 पदाधिकारी

राम मंदिर भूमि पूजन के लिए तय मुहूर्त में होने वाले पूजन शास्त्रों के अनुसार हो इसकी निगरानी के लिए काशी से विद्वत परिषद के 3 पदाधिकारियों को अयोध्या मंत्रिक किया गया है साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों से 11 वैदिक ब्राह्मणों को अयोध्या बुलाया गया है।

51 किलो की रजत शिला का पूजन करेंगे पीएम मोदी

काशी विद्वत परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ज्योतिषविद् पंडित रामचंद्र पांडेय, बीएचयू के ज्योतिष विभागाध्यक्ष एवं परिषद के संगठन मंत्री पंडित विनय कुमार पांडेय और मंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी चार अगस्त की शाम अयोध्या के लिए निकलेंगे। वहीं राम मंदिर भूमि पूजन के कार्यक्रम की तारीख पर मुहर लगने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी 5 अगस्त को पीएम नरेंद्र मोदी के अयोध्या में कार्यक्रम तय किया है। पांच अगस्त को पीएम मोदी 51 किलो की रजत शिला का पूजन करेंगे।

दरअसल सोमवार को काशी विद्वत परिषद् की ऑनलाइन बैठक में भूमिपूजन के कर्मकांड के विभिन्न चरणों में पूर्ण किए जाने वाले विधानों पर चर्चा की गई। इसके अलावा यह भी तय हुआ कि अयोध्या में भूमि पूजन के उपरांत प्रधानमंत्री जब भी काशी आएंगे, तब उनका अभिनंदन परिषद की ओर से किया जाएगा।

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