नई दिल्ली: देश में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमितों की कुल संख्या अब 6,25,544 तक पहुंच गई है, जिनमें से 2,27,439 सक्रिय मामले हैं। वहीं अब तक 3,79,892 कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। इसके अलावा देश में 18,213 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।

अब कोरोना वैक्सीन पर एक और सफलता मिल गई है। कोवैक्सीन के बाद कोरोना वायरस के लिए निर्मित जायडस वैक्सीन को मानव पर परीक्षण के लिए डीसीजीआई ने अनुमति दे दी है। कोविड-19 (जायडस) के लिए जायडस वैक्सीन ने प्री-क्लीनिकल डेवलपमेंट सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसके बाद इसे मानव पर परीक्षण शुरू करने की अनुमति दी गई है।

कंपनी के एक बयान जारी कर बताया है कि इस वैक्सीन को जानवरों की कई प्रजातियों के लिए इम्युनोजेनिक पाया गया। जानवरों पर हुए अध्ययन में जो एंटीबॉडी बनी हैं, वे वाइल्ड टाइप के वायरस को पूरी तरह से बेअसर करने में कामयाब हैं।

कोरोना वायरस की रोकथाम के मद्देनजर कंपनी की जुलाई, 2020 में ह्यूमन क्लीनिकल ट्रायल शुरू करने की तैयारी है। वैश्विक दवा कंपनी जायडस ने एलान किया है कि उसका कोविड-19 के लिए प्लास्मिड डीएनए वैक्सीन उम्मीदवार (जायकोव-डी) पूरी तरह से देश में ही बनाया गया है।

कंपनी ने वैक्सीन को अहमदाबाद में अपने वैक्सीन प्रौद्योगिकी केंद्र में विकसित किया है। अब इसे ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने फेज 1/फेस 2 के ह्यूमन क्लीनिकल ट्रायल शुरू करने की अनुमति दे दी है। कंपनी ने संभावना जताई है कि यह वैक्सीन काफी हद तक कारगर सिद्ध होगी।

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