प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक ‘मन की बात’ रेडियो संबोधन में पाकिस्तान की जमकर आलोचना की। कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत की पीठ पर छुरा घोंपा था लेकिन भारतीय सैनिकों ने अपनी बहादुरी से उसके मंसूबे नाकाम कर दिए।

पीएम मोदी ने पाकिस्तान का नाम लेते हुए कहा, ‘दुष्ट का स्वभाव ही होता है, बिना वजह सभी से दुश्मनी करना, हित करने वाले का भी नुकसान करने की सोचना।

पाकिस्तान ने पीठ पर छुरा घोंपा था, लेकिन उसके बाद भारत की वीर सेना ने जो पराक्रम दिखाया, जो ताकत दिखाई उसे पूरी दुनिया ने देखा।’

पीएम मोदी ने साथ ही कहा, ‘आप कल्पना कर सकते हैं-ऊंचे पहाडों पर बैठा हुआ दुश्मन और नीचे से लड़ रही हमारी सेना, हमारे वीर जवान लेकिन जीत पहाड़ की ऊंचाई की नहीं, भारत की सेनाओं के ऊंचे हौंसले और सच्ची वीरता की हुई थी।’

‘भारत नहीं भूल सकता कारगिल की लड़ाई’

पीएम मोदी ने कहा कि कारगिल का युद्ध जिन परिस्थितियों में हुआ था, वो भारत कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान ने बड़े-बड़े मंसूबे पालकर भारत की भूमि हथियाने और अपने यहां चल रहे आंतरिक कलह से ध्यान भटकाने को लेकर दुस्साहस किया था।’

पीएम मोदी ने उस लड़ाई के दौर में खुद के कारगिल दौरे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘उस समय, मुझे भी कारगिल जाने और हमारे जवानों की वीरता के दर्शन का सौभाग्य मिला, वो दिन, मेरे जीवन के सबसे अनमोल क्षणों में से एक है।’

पीएम मोदी ने साथ ही कारगिल विजय के बाद लाल किले से तब 15 अगस्त को तब के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के संबोधन को भी याद किया। पीएम मोदी ने कहा, ‘कारगिल युद्ध के समय अटल जी ने लाल किले से जो कहा था वो आज भी प्रासंगिक है। अटली जी ने तब देश को गांधी जी के एक मंत्र की याद दिलाई थी। महात्मा गांधी ने कहा था कि जब कोई दुविधा हो कि क्या करना है और क्या नहीं, तब उसे भारत से सबसे गरीब और असहाय व्यक्ति के बारे में सोचना चाहिए।’

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘अटल जी ने कहा था कि कारगिल युद्ध ने हमें एक दूसरा मंत्र दिया है- ये मंत्र था, कि, कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले, हम ये सोचें, कि, क्या हमारा ये कदम, उस सैनिक के सम्मान के अनुरूप है जिसने उन दुर्गम पहाड़ियों में अपने प्राणों की आहुति दी थी।’

‘कई मोर्चों पर आज लड़ी जाती है लड़ाई’

पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध की परिस्थिति में हम जो बात कहते हैं करते हैं, उसका सीमा पर डटे सैनिक के मनोबल पर और उसके परिवार के मनोबल पर बहुत गहरा असर पड़ता है। ये बात हमें कभी भूलनी नहीं चाहिए।

पीएम ने कहा, ‘कभी-कभी हम इस बात को समझे बिना सोशल मीडिया पर ऐसी चीजों को बढ़ावा दे देते हैं जो हमारे देश का बहुत नुकसान करती हैं। कभी-कभी जिज्ञासा वश उसे आगे बढ़ाते करते रहते हैं। पता है गलत है ये पर करते रहते हैं।’

उन्होंने आगे कहा, ‘आज कल, युद्ध, केवल सीमाओं पर ही नहीं लड़े जाते हैं, देश में भी कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा जाता है, और, हर एक देशवासी को उसमें अपनी भूमिका तय करनी होती है।’

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