लगभग हर व्यक्ति का बैंक या पोस्ट ऑफिस में सेविंग अकाउंट होता है और अगर आप भी इन दोनों में से कहीं भी अपना बैंक खाता संचालित करते हैं और उससे लगातार लेनदेन करते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। दरअसल, हाल ही में आयकर विभाग द्वारा नियमों में कुछ बदलाव किया गया है जिसके बाद पोस्ट ऑफिस या बैंक में बने आपके बचत खाते से ज्यादा कैश निकालने पर आपको ज्यादा TDS भरना पड़ सकता है। इससे जुड़े नए नियम 1 जुलाई से लागू भी हो गए हैं। इन नियमों के बाद ग्राहकों को कई अन्य जानकारियां देना भी जरूरी हो जाएगा। आयकर भरने की तारीख में लोगों को राहत मिली है लेकिन इसके नियम जानना जरूरी है।

इनमें हुआ बदलाव

दरअसल, हाल ही में आयकर डिपार्टमेंट ने फॉर्म-26Q और 27Q को संशोधित किया है। इन फॉर्म्स के माध्यम से करदाता विभिन्न तरह के रेजिडेंट और नॉन-रेजिडेंट भुगतान पर TDS टीडीएस लिए और जमा किए गए मामलों की जानकारी देते हैं। 1 जुलाई से नियम 31A में संशोधन के बाद यह जरूरी हो गया है कि टैक्स भरने वालों को उस रकम की जानकारी देनी होगी जिसका उन्होंने भुगतान किया है या फिर क्रेडिट किया है। साथ ही इस पर किस दर से टैक्स कटा है।

देनी होगी यह जानकारियां भी

एक्सपर्ट्स के अनुसार, नए नियमों और बदलावों के बाद अब आपको ई-कॉमर्स कंपनियों, Mutual Funds Business Trusts द्वारा वितरित लाभांश, Cash विड्रॉलल, Professional Fees और Interest आदि के मामलों में TDS टीडीएस को शामिल किया गया है। इसके अलावा नए फॉर्म में टैक्स काटने वाली कंपनियों और संस्थाओं को TAX टैक्स नहीं काटने के मामलों में कारणों का भी जिक्र करना अनिवार्य होगा। नवीनतम सुधारों के बाद बैंकों को भी एक करोड़ रुपए से अधिक निकासी के मामलों में टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स (टीडीएस) TDS की जानकारी देनी होगी।

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