एक ओर पूरा देश कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है वहीं दूसरी और बिहार और पूर्वोत्तर के राज्यों में हुई भारी बारिश के चलते लोगों को बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है. पूर्वोत्तर के राज्य असम में बाढ़ से 26 जिले बुरा तरह से प्रभावित हुए हैं वहीं करीब 90 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं बिहार में भी बाढ़ के चलते 10 जिले जलमग्न हो गए हैं. इन दस जिलों में छह लाख 36 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए इन जिलों के 18,612 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है.

आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, बिहार के 10 जिलों में सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चंपारण एवं खगड़िया के 55 प्रखंडों के 282 पंचायतों बाढ़ से हालात बेहद खराब हो गए हैं.

इन स्थानों पर करीब छह लाख 36 हजार लोग प्रभावित है. वहां से सुरक्षित निकाले गए 18,612 लोग 10 अलग-अलग राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, बिहार में बागमती नदी सीतामढी, मुजफ्फरपुर एवं दरभंगा में, बूढी गंडक मुजफ्फरपुर एवं समस्तीपुर में, कमला बलान मधुबनी में, लालबकिया पूर्वी चंपारण में, अधवारा सीतामढी में, खिरोई दरभंगा में और महानंदा किशनगंज एवं पूर्णिया जिला में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

वहीं बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा कि जुलाई महीने में भारी बारिश के बावजूद सभी तटबंध सुरक्षित हैं तथा तकनीक के उपयोग और विभाग की अतिरिक्त सतर्कता के कारण तटबंध पर उत्पन्न खतरों को समय रहते टाला जा सका है. बता दें कि बिहार में बाढ़ के खतरे के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 21 टीमों को राज्य के विभिन्न संवेदनशील जिलों में तैनात किया गया है. जिससे जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा सके.

एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन के कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की मांग पर एनडीआरएफ की 21 टीमों को प्रदेश के 12 जिलों में तैनात किया गया है. इस बीच बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने दरभंगा और मधुबनी जिलों के बाढ प्रभावित इलाकों का बुधवार को दौरा किया. तेजस्वी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, “यह सरकार की जिम्मेदारी है कि बाढ पीडितों के आवास एवं भोजन की व्यवस्था करे तथा बाढ़ के कारण हुए उनके नुकसान को देखते हुए उनकी आर्थिक मदद करनी चाहिए थी.”

वहीं बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने तेजस्वी पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि ‘जिनके माता-पिता के राज में 90 करोड़ रुपये का बाढ़ राहत घोटाला हुआ, वे कुछ बाढ़ पीड़ितों को एक वक्त का भोजन कराते हुए फोटो खिंचवा कर राजद राज के पाप धोने की कोशिश कर रहे हैं.’ सुशील ने ट्वीट कर तेजस्वी पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि ‘उन्हें कैग की रिपोर्ट पढ़नी चाहिए, जिसमें खुलासा किया गया है कि बिहार को केंद्र सरकार से मिली बाढ़ सहायता की 90 करोड़ की राशि का फर्जीवाड़ा कैसे हुआ था.’

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