अमेरिका और चीन के बीच मतभेद अब और गहराता जा रहा है। इसी कड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाने वाले कानून पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके साथ ही हॉन्गकॉन्ग से तरजीही व्यापार का दर्जा भी छीन लिया गया। बता दें कि अमेरिकी कांग्रेस ने इस महीने हांगकांग ऑटोनोमी एक्ट को सर्वसम्मित से पास कर दिया था।

नए कानून पर हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप ने कहा, ”मैंने एक कानून और आदेश पर साइन किया है जो हांगकांग के लोगों के खिलाफ दमन के लिए चीन को जवाबदेह ठहराता है।” राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को वाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने हांगकांग ऑटोनमी एक्ट पर दोपहर में हस्ताक्षर किया, जो चीन को जिम्मेदार ठहराने के लिए शक्ताशाली हथियार होगा।

यह कानून ट्रंप प्रशासन को हांगकांग की स्वायत्तता को खत्म कर रहे विदेशी लोगों और बैंकों पर प्रतिबंध का अधिकार देगा। चीन द्वारा हांगकांग सुरक्षा कानून लागू किए जाने के दो सप्ताह बाद ट्रंप ने यह आदेश जारी किया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हॉन्गकॉन्ग में जो कुछ हो रहा है हम सभी देख रहे हैं। ऐसे में उनकी स्वायत्तता को खत्म करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हमने चीन की तकनीक और टेलिकॉम प्रोवाइडर्स का सामना किया। हमें सुरक्षा कारणों से कई देशों को इस बात पर मनाना पड़ा कि हुवावे खतरनाक है। अब यूके ने भी इसे प्रतिबंधित कर दिया है।’

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘हमने देखा कि हॉन्गकॉन्ग में क्या हुआ। उनकी स्वतंत्रता छीन ली गई ताकि फ्री मार्केट में वह स्पर्धा न कर सके। मुझे लगता है कि बहुत सारे लोग अब हॉन्गकॉन्ग छोड़ने वाले हैं। हमने एक बहुत ही अच्छा स्पर्धी खो दिया है। हमने उसके लिए बहुत कुछ किया था।’

उन्होंने कहा कि अब हॉन्गकॉन्ग को भी कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं दिया जाएगा। हॉन्गकॉन्ग को भी चीन की तरह ही माना जाएगा। उन्होंने कहा कि चीन ने अमेरिका का फायदा उठाया लेकिन बदले में वायरस दिया जिसकी वजह से बड़ा आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।

ट्रंप ने कहा, ‘विकासशील देश के नाम पर चीन लगातार अमेरिका से फायदा लेता रहा और पिछली सरकारें उसकी मदद करती रहीं। हमारी सरकार ने चीन के खिलाफ कड़े कदम उठाए। वह इस योग्य नहीं है। उसकी वजह से आज दुनिया एक बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रही है।’

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पर भी बरसते हुए ट्रंप ने कहा कि यह संगठन चीन की कठपुतली बनकर रह गया है। उन्होंने कहा, ‘यह कहने में मुझे कोई गुरेज नहीं है कि पूरी दुनिया में वायरस फैलाना के लिए चीन ही जिम्मेदारी है।’

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