डीजल की कीमत बढ़ने से आम आदमी पर इसकी चौतरफा मार पड़ेगी. इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट तो महंगा होगा ही साथ ही महंगाई भी बढ़ेगी. खेती पर भी इसका काफी असर पड़ेगा. पब्लिक ट्रांसपोर्ट के किराए के साथ-साथ ऑटो सेक्टर की बिक्री पर भी इसका गंभीर असर होगा.

नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल की कीमत देश में लगातार 19वें दिन बढ़ी है. देश की राजधानी दिल्ली में डीजल की कीमत 80 रुपये के पार पहुंच चुकी है. भारतीय इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब डीजल 80 के पार पहुंचा है. दिल्ली में डीजल की कीमत में 14 पैसे की बढ़ोतरी के साथ अब नई कीमत 80.02 रुपए प्रति लीटर हो गई है. वहीं पेट्रोल की कीमत में भी 16 पैसे की बढ़ोतरी हुई है. इन 19 दिनों में पेट्रोल 8.66 रुपये और डीजल 10.62 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है.

[The price of petrol and diesel has increased for the 19th consecutive day in the country. In the country’s capital Delhi, the price of diesel has reached beyond 80 rupees. This is the first time in Indian history that diesel has crossed 80. With the increase in diesel price by 14 paise in Delhi, now the new price has been increased to Rs 80.02 per liter. At the same time, the price of petrol has also increased by 16 paise. Petrol has become costlier by Rs 8.66 and diesel by Rs 10.62 per liter in these 19 days.]

सिर्फ दिल्ली में डीजल हुआ आगे एक दिन पहले देश के इतिहास में पहली बार डीजल की कीमतों ने पेट्रोल की कीमतों को पीछे छोड़ दिया. 24 जून को पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन डीजल की कीमत 48 पैसे बढ़ गई. हालांकि ये स्थिति सिर्फ दिल्ली में है. देश के बाकी हिस्सों में अभी भी पेट्रोल के मुकाबले डीजल का रेट कम है. दिल्ली में बढ़ी कीमत का एक कारण वैट भी है. दिल्ली सरकार ने लॉकडाउन के दौरान डीजल पर वैट की दर को बढ़ा दिया था.

[Only in Delhi, Diesel was ahead a day ago, for the first time in the history of the country, diesel prices overtook petrol prices. On June 24, there was no change in the prices of petrol, but the price of diesel increased by 48 paise. However, this situation is only in Delhi. The rate of diesel is still lower than petrol in the rest of the country. VAT is also a reason for the increased price in Delhi. The Delhi government had increased the VAT rate on diesel during the lockdown.]

इसकी दूसरी वजह ये है कि मई के पहले हफ्ते में भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर भारी एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई. पेट्रोल पर प्रति लीटर उत्पाद शुल्क 10 रुपये बढ़ाया गया, जबकि डीजल पर प्रति लीटर उत्पाद शुल्क 13 रुपये बढ़ाया गया. यहां भी डीजल के महंगा होने की राह तैयार की गई.

[The second reason for this is that in the first week of May, the Indian government increased the excise duty on petrol and diesel. The excise duty on petrol was increased by Rs 10, while the excise duty on diesel was increased by Rs 13. Here, the way of getting diesel expensive was prepared.]

लेकिन फिर भी ये सवाल उठता है कि आखिर देशभर में डीजल पेट्रोल से महंगा क्यों नहीं हुआ तो इसके पीछे की वजह है, पिछले महीने दिल्ली सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर टैक्स बढ़ाए. पेट्रोल की कीमत में 1.67 रुपये प्रति लीटर और डीजल 7.10 रुपये प्रति लीटर की दर से महंगा किया गया. यही वजह है कि दिल्ली में डीजल पेट्रोल से महंगा हो चला है.

[But even then, the question arises that after all why diesel is not costlier than petrol across the country, the reason behind it is, last month, Delhi government increased taxes on petrol and diesel. The price of petrol was expensive at Rs 1.67 per liter and diesel at Rs 7.10 per liter. This is the reason why diesel has become costlier than petrol in Delhi.]

डीजल की कीमत बढ़ने से आम आदमी पर इसकी चौतरफा मार पड़ेगी. इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट तो महंगा होगा ही साथ ही महंगाई भी बढ़ेगी. खेती पर भी इसका काफी असर पड़ेगा. पब्लिक ट्रांसपोर्ट के किराए के साथ-साथ ऑटो सेक्टर की बिक्री पर भी इसका गंभीर असर होगा.

[Due to increase in the price of diesel, the common man will be killed all-round. This will not only make public transport expensive but will also increase inflation. It will also have a significant impact on agriculture. It will also have a serious impact on the sale of the auto sector along with public transport fares.]

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