अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर के लिए भूमि पूजन व निर्माण कार्य एक साथ शूरू होंगे। यह कार्य गर्भ गृह के पास होंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रमुख संत व मंदिर आंदोलन से जुड़े प्रमुख लोगों के साथ 150 से 200 लोग उपस्थित रहेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आमंत्रित न किए गए किसी भी व्यक्ति को अयोध्या न जाने की अपील की है।

राम मंदिर के लिए शिलान्यास 1989 में हुआ था और इसके बाद एक कार्यक्रम शिलादान का हुआ था। उस समय गर्भ गृह का मामला अदालत में था इसलिए ये कार्यक्रम काफी दूर हुए थे। अब मंदिर निर्माण कार्य गर्भ गृह से शूरू हो रहा है तो वहां भूमि पूजन के साथ शिला रखकर निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।

कार्यक्रम से जुड़े राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक प्रमुख नेता ने कहा है कि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ भूमि पूजन व शिलान्यास हो चुका है। अब गर्भ गृह पर भूमि पूजन व मंदिर निर्माण का काम शुरू करना है।

मंदिर आंदोलन में शहीदों के परिजन भी होंगे

कोरोना प्रोटोकॉल और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगभग150 से 200 लोग ही मुख्य कार्यक्रम में हिस्सा ले सकेंगे। इनमें अयोध्या व देश के प्रमुख साधु संतों के साथ विभिन्न धर्मों के धर्माचार्य, मंदिर आंदोलन से जुड़े लोग कुछ स्थानीय प्रमुख लोग और 1990 और 1992 में मंदिर आंदोलन में शहीद हुए लोगों के परिवारों को बुलाया गया है। उनकी संख्या 150 के आसपास रखी गई है। चातुर्मास के कारण कई प्रमुख संत वैसे ही नहीं आ सकेंगे।

लोगों से अयोध्या व आने की अपील

कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत, सरकार्यवाह सुरेश भैया जी जोशी के साथ सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल व दत्तात्रेय होसबोले के साथ अवध क्षेत्र के तीन-चार प्रमुख लोग भी शामिल होंगे। इस बीच ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने एक अपील जारी कर लोगों से अयोध्या न आने को कहा है। राय ने कहा है कि श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण आंदोलन में लाखों-करोड़ों राम भक्तों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सहयोग प्राप्त हुआ हैं। उन सभी की यह स्वाभाविक इच्छा होगी कि वे इस भूमि पूजन के पवित्र ऐतिहासिक अवसर पर प्रत्यक्ष उपस्थित रहें। लेकिन वर्तमान कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थिति में ऐसा करना असंभव है।

अपील

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ समिति सभी राम भक्तों से निवेदन करती है कि अयोध्या पहुंचने के लिए व्यग्र न हो, सभी लोग अपने स्थान से दूरदर्शन पर समारोह का सजीव प्रसारण देखें और सायंकाल अपने घर पर दीपक जलाकर दिव्य भव्य अवसर का स्वागत करें। भविष्य में किसी उचित अवसर पर राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण यज्ञ में सभी राम भक्तों को सम्मिलित होने का अवसर मिले, यह प्रयास अवश्य होगा।

छोटा मंच बनेगा

अयोध्या। आयोजन स्थल पर एक छोटा मंच भी बनेगा जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संघ प्रमुख मोहन भागवत और अयोध्या ट्रस्ट के प्रमुख चंपत राय लोगों को संबोधित करेंगे। 05 अगस्त को प्रधानमंत्री 11:15 पर अयोध्या पहुंचेंगे और वहां करीब 3 घंटे रहेंगे। अयोध्या आगमन के तत्काल बाद वे रामलला के अस्थायी मंदिर में दर्शन करेंगे, उसके बाद हनुमानगढ़ी जाएंगे और फिर आयोजन स्थल पहुंचेंगे।

शिलान्यास को लेकर हाई अलर्ट, एडीजी जोन ने लिया जायजा

अयोध्या में श्रीराम मंदिर शिलान्यास व आगामी त्योहार ईद-उल अजहा, रक्षाबंधन को लेकर जारी हाई अलर्ट के बीच बुधवार को एडीजी जोन दावा शेरपा जिले में पहुंचे। कानून व्यवस्था की समीक्षा करने के साथ इंडो-नेपाल बार्डर का निरीक्षण किया। सोनौली में सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर सतर्कता बरतने के लिए जरूरी निर्देश दिया। नारकोटिक्स व पशु तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा।

भूमि पूजन के लिए गोरक्षधाम की पवित्र मिट्टी भेजी

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के भूमि पूजन में देशभर के तीर्थ स्थलों की मिट्टी शामिल होगी। बुधवार को इसी कड़ी में गोरखनाथ मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी ने विश्व हिन्दू परिषद की युवा शाखा बजरंग दल के सह प्रांत संयोजक दुर्गेश त्रिपाठी को गोरक्षपीठ की मिट्टी और अखण्ड धूनी की राख सौंपी। गोरक्ष प्रांत में आने वाले देवरिया के देवरहा बाबा आश्रम, बलिया के महर्षि भृगु आश्रम, संतकबीर नगर के मगहर आश्रम और बस्ती के मखौड़ा धाम की मिट्टी भी अयोध्या ले जाई जाएगी। इसे पहुंचाने का अनुष्ठानिक कार्य सम्पन्न किया जाएगा।

विहिप ने एकत्र किया संगम का जल और मिट्टी

भूमि पूजन के लिए विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारियों ने बुधवार को तांबे के कलश में संगम का 11 लीटर पवित्र जल एवं मिट्टी एकत्र की। विहिप के धर्माचार्य संपर्क प्रमुख शंभू और प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार ने मांडा मेजा निवासी अनुसूचित जनजाति के संजू लाल आदिवासी के द्वारा वैदिक रीति से पूजन करवाकर पवित्र जल एवं मिट्टी एकत्रित की। विहिप के प्रमुख पदाधिकारी गुरुवार को अयोध्या लेकर जाएंगे। मीडिया प्रभारी अश्वनी मिश्रा ने बताया कि काशी से बाबा विश्वनाथ की मिट्टी और गंगा का जल लेकर प्रांत मंत्री आनंद सिंह प्रयाग आ रहे हैं। महर्षि भारद्वाज आश्रम की मिट्टी, श्रृंग्वेरपुर धाम, सीतामढ़ी हंडिया, कड़े धाम कौशाम्बी आदि पवित्र स्थलों का जल एवं मिट्टी भी प्रयाग से ही अयोध्या भेजा जाएगा।

अयोध्या में 30 साल पहले रखी थी संकल्प की ईंट

5 अगस्त से अयोध्या में श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के शिलान्यास को लेकर खुशी का माहौल है। करीब 30 बरस पहले 1990 में मंदिर आंदोलन के दौरान रूरा के राजनारायण मिश्र रेशमी कपड़े में एक ईंट लेकर गए थे। वह कारसेवक पुरम में रख आए थे। आज उनका सपना साकार हो रहा है। इसे लेकर वह भाव विभोर हैं।

जवाहर नगर निवासी व दुर्गा मन्दिर के व्वस्थापक राजनरायन मिश्रा बताते है कि 1990 के दशक में राममंदिर की मुक्ति के लिए विहिप ने आंदोलन शुरू किया था। इसमें वह सक्रिय थे। भगवान राम के मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ वह कारसेवक पुरम पहुंचे थे। यहां से रेशमी कपड़े में लपेटकर ईंट भी ले गए थे, जिसे वहीं रख आए थे। सालों से वह भगवान श्रीराम के दर्शन को अयोध्या जाते थे, पर भगवान तिरपाल के नीचे देखकर आंखों में आंसू आ जाते थे।

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