अमेरिका और चीन के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने कहा है कि वाशिंगटन में चीनी राजदूत और न्यूयॉर्क शहर में एक चीनी राजनयिक ने अमेरिका में वैज्ञानिकों की भर्ती में गुप्त रूप से मदद की है। दस्तावेजों में इस राजनयिक का नाम क्यूई तियानकाई बताया गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने बीजिंग द्वारा अमेरिका में जासूसी को लेकर चिंता जताई है। 

[Tensions between the US and China are steadily increasing. The US investigative agency FBI says the Chinese ambassador in Washington and a Chinese diplomat in New York City have secretly helped recruit scientists in the US. The diplomat mentions the name of the diplomat as Qi Tiankai. US officials have expressed concern about Beijing spying in the US.]

वाशिंगटन एग्जामिनी की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की एक संघीय अदालत में पिछले साल एक हलफनामा दायर किया गया था जिसे अप्रैल में खोला गया। इसमें चीन की हरकतों को गहराई से बताया गया है। इसमें से चीन शब्द को कोर्ट फाइलिंग से लगभग पूरी तरह हटा दिया गया है लेकिन एक बार इसका जिक्र दिखाई दिया।

[An affidavit was filed last year in a US federal court, which opened in April, according to a report by the Washington Examini. In this, the antics of China are deeply explained. Of this, the word China has been almost completely omitted from court filings, but once it appears.]

हलफनामे के मुताबिक, कनेक्टिकट में एक वैज्ञानिक की जांच करते हुए एफबीआई ने पाया कि वह उच्च स्तरीय भर्ती के लिए चीन सरकार से नियंत्रित हो रहा था। एफबीआई ने बताया कि चीन में स्टेम सेल शोधकर्ता और आणविक आनुवंशिकी के छात्रों को प्रयोगशालाओं में काम करने के लिए स्थानांतरित करने की योजना थी। यह प्रौद्योगिकी अमेरिका में प्रमुख शैक्षणिक और निजी क्षेत्र के अनुसंधान प्लेटफॉर्मों में विकसित हुई है। ये वैज्ञानिक अब चीन में साउथ मेडिकल यूनिवर्सिटी में काम कर रहे हैं।

[According to the affidavit, the FBI, while investigating a scientist in Connecticut, found that he was being controlled by the Chinese government for high-level recruitment. The FBI reported that there were plans to relocate stem cell researchers and students of molecular genetics to China to work in laboratories. The technology has developed into major academic and private sector research platforms in the US. These scientists are now working at South Medical University in China.]

वैज्ञानिक को अमेरिकी नागरिकता दिलाई

रिपोर्ट के मुताबिक एक वैज्ञानिक को चीनी राजनयिक ने 2009 में अमेरिका की नागरिकता भी दिला दी। उसने आनुवंशिक अनुसंधान के काम में कई वर्ष भी बिताए। होमलैंड सुरक्षा मंत्रालय के मुताबिक वैज्ञानिक ने अक्तूबर 2017 से अक्तूबर 2018 के बीच अमेरिका से बाहर 300 दिन भी बिताए। यह वैज्ञानिक अन्य लोगों की भर्ती की कोशिशों में जुटा हुआ पाया गया ताकि वह अपना शोध चीन के साथ साझा कर सके।

[According to the report, a Chinese diplomat was granted US citizenship by a Chinese diplomat in 2009. He also spent many years in genetic research. According to the Ministry of Homeland Security, the scientist also spent 300 days outside the US between October 2017 and October 2018. The scientist was found trying to recruit others to share his research with China.]

चीन ने किया इनकार

चीनी दूतावास ने एफबीआई के इन सभी आरोपों को नकार दिया है। चीन के प्रवक्ता फेंग हांग ने कहा कि वैज्ञानिकों की भर्ती के संबंध में चीनी राजनयिक पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं।

[The Chinese Embassy has denied all these FBI charges. Chinese spokesman Fang Hong said that all allegations against the Chinese diplomat regarding the recruitment of scientists are baseless.]

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