अयोध्या में आज राम मंदिर बनने का जो रास्ता बना है, उसके पीछे छत्तीसगढ़ के राम मंदिर का बड़ा हाथ है। राजधानी रायपुर में जब मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, तब उस समय के तात्कालिक सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा था, यहां के मंदिर की पूजा प्रारंभ होने के साथ ही अयोध्या में राम मंदिर बनने का रास्ता खुद-ब-खुद खुल जाएगा। तब किसी को भरोसा नहीं था, लेकिन ऐसा चमत्कार हुआ कि वास्तव में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता खुला और अब 5 अगस्त को वहां पर भूमिपूजन होने जा रहा है।

ये बातें राजधानी के राम मंदिर के ट्रस्टी राजेंद्र सिंह कहते हैं। उन्होंने बताया, रायपुर में एक बार वर्ष 2006 में ज्योतिषियों का एक सम्मेलन हुआ था।

इसमें शामिल देश से सभी ज्योतिषियों ने एक स्वर में कहा था, अगर भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में एक राम मंदिर बन जाएगा तो अयोध्या का राम मंदिर भी आसानी से बन जाएगा। इसके बाद यहां पर राम मंदिर बनाने का फैसला हुआ। इसका जब निर्माण किया गया तो इसके लिए किसी भी तरह से कोई सरकारी मदद नहीं ली गई। करोड़ों रुपए का मंदिर समाज की मदद से बन गया।

हमारे मंदिर ने खोला रास्ता

राजेंद्र सिंह बताते हैं, जब रायपुर में मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा हुई तो इसमें योगी आदित्यनाथ आए। वे तब सांसद थे। उन्होंने यहां पर साफ कहा था, भगवान राम के ननिहाल में इतना भव्य मंदिर बन गया तो अब अयोध्या में राम मंदिर बनने से कोई माई का लाल नहीं रोक सकता। तब सभी को लगा था, यह कैसे संभव होगा, क्योंकि राम मंदिर के रास्ते में कई बाधाएं थीं, लेकिन ऐसा चमत्कार हुआ कि एक-एक कर सारी बाधाएं दूर होती चली गईं और सुप्रीम कोर्ट से राम मंदिर के पक्ष में फैसला आ गया। इस फैसले के बाद अब राम मंदिर निर्माण का भूमिपूजन भी 5 अगस्त को रहा है। श्री सिंह कहते हैं, अयोध्या आने वाले समय में देश का बहुत बड़ा पर्यटन स्थल बनेगा।

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