मध्य प्रदेश के रीवा जिले के हिस्ट्रीशीटर ने खुद को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का निजी सचिव बताते हुए इंदौर के दो रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफीसरों का ट्रांसफर आर्डर निरस्त करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को फोन कर दिया। जबकि छानबीन की गई तो पता चला कि गृह मंत्रालय से कोई फोन नहीं किया गया है।

तुरंत मामले की जांच दिल्ली क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई, जबकि आरोपी अभिषेक सोमशंकर द्विवेदी को इंदौर से धर दबोचा गया। क्राइम ब्रांच ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर उसकी 4 दिन की रिमांड ली है। पूछताछ में सामने आया है कि वह आईएएस अफसर बनकर कई अधिकारियों को कॉल करता था।

आरोपी पर पहले से हत्या समेत एक दर्जन मामेले हैं दर्ज

इतना ही नहीं इस पर हत्या और जबरन वसूली समेत करीब एक दर्जन मुकदमें दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच अब उसे यह पता लगाएगी कि अब तक कितने लोगों को वह इस तरह के कॉल कर चुका है और उसके पास अफसरों मंत्रियों के नंबर कहां से आए? बता दें कि बदमाश ने खुद को पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्रालय का निजी सचिव साकेत कुमार बता कर कॉल किया था। दोनों मंत्रालय के बीच चर्चा हुई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।

क्राइम ब्रांच की टीम ने रीवा में दबिश दी

क्राइम ब्रांच की टीम ने रीवा में दबिश दी, वहां जाकर पता चला कि आरोपी अपनी पत्नी के साथ मुंबई गया हुआ है। पुलिस की एक टीम मुंबई गई तो वहां मोबाइल बंद कर वह वहां से भी फरार हो गया। आरोपी की पत्नी और जीजा निगरानी शुरू की गई। पत्नी ने मैसेज भेजकर उसे बताया कि घर मत आना यहां पुलिसकर्मी बैठे हैं।

क्राइम ब्रांच ने सभी के मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगा रखे थे। जिससे अभिषेक के नंबर का पता चल गया और उसकी लोकेशन भी मिल गई। लोकल पुलिस की मदद से उसे इंदौर के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया। वह उस समय टैक्सी बुक करा कर सतना भागने की तैयारी कर रहा था।

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