धीमी गति वाला संगीत तनाव की स्थिति में व्यक्ति के लिए किसी दवा की तरह काम करता है और शांत करने में मदद करता है। वास्तव में संगीत कोर्टिसोल के स्तर को कम करता है और यह तनावग्रस्त मांसपेशियों के आराम को भी बढ़ावा देता है। संगीत के उच्च आवृत्ति वाले और निम्न आवृत्ति वाले साउंड से मस्तिष्क के भीतर बदलाव होता है।

तभी तो म्यूजिक थेरेपी के माध्यम से बीमारियों के इलाज में मदद की जाती है। केवल तनाव और चिंता ही नहीं इन 5 वजहों से भी संगीत सुनना अच्छा है।

नींद न आने की परेशानी है तो संगीत सुनना अच्छा विकल्प है। अनिद्रा से जूझ रहे लोगों के लिए सोते समय सुखदायक संगीत सुनना अच्छा है। अच्छी नींद के लिए तेज शोर वाला संगीत नहीं, बल्कि धीमा या शास्त्रीय संगीत बेहतर रहेगा। यह नर्वस सिस्टम की गतिविधि को कम करता है, मांसपेशियों को आराम देता है, तनाव में राहत देता है जिससे सोने से पहले आने वाले बेमतलब के विचार थम जाते हैं। इसलिए सोने से 30 या 45 मिनट पहले संगीत सुनने की आदत डाल लें।

हाई ब्लड प्रेशर में धीमी गति और लो ब्लड प्रेशर में तेज गति का संगीत लाभ देता है। सुबह-शाम 30 मिनट के लिए अच्छा संगीत सुनने से ब्लड प्रेशर में बहुत सुधार देख सकते हैं।

संगीत सुनने से दिमाग में एंडोर्फिन्सत हार्मोन का स्राव होता है। यह दिल को स्वस्थ रखता है। शोधकर्ताओं की मानें तो गाने के मुकाबले इंस्ट्रूमेंटल संगीत अधिक प्रभावी होता है। रोजाना 30 मिनट पसंदीदा संगीत सुनने से दिल की क्षमता बढ़ती है। इसके अलावा जिन्हें दिल की बीमारी है, उनके लिए भी यह फायदेमंद है।

अच्छा संगीत सुनना डोपामाइन को रिलीज करने में मदद करता है जिससे एकाग्रता बढ़ती है। शोधों में संगीत सुनने और मस्तिष्क के विकास के बीच एक मजबूत संबंध पाया गया है। संगीत सीखने वाले बच्चों में मस्तिष्क के विकास और याद्दाश्त बेहतर पाई गई। स्ट्रोक जैसी बीमारी का जोखिम भी कम होता है।

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