वैश्विक महामारी कोरोना के बीच भारत के पड़ोसी देशों ने नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। चीन और नेपाल के बाद अब भूटान ने भी भारत को आंख दिखाना शुरू कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि भूटान ने हाल ही में असम में आने वाले पानी को रोक दिया है, इससे राज्य के वक्सा जिले में किसान परेशान हैं। हालांकि भूटान ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है।

[India’s neighbors have created new problems amidst the global epidemic corona. After China and Nepal, Bhutan has also started showing eye to India. Media reports claimed that Bhutan has recently stopped the water coming into Assam, which has upset farmers in the state’s Waksa district. However, Bhutan has rejected all these claims.]

भूटान ने असम को जाने वाले जल प्रवाह को रोकने संबंधी कई रिपोटर् का खंडन करते हुए कहा कि वह नहर की मरम्मत करवा रहा है ताकि जल प्रवाह सुचारू रूप से जारी रहे। भूटान सरकार ने कहा कि नहर में प्राकृतिक कारणों से जल प्रवाह बाधित हो गया था, ऐसे में पानी के बहाव के लिए वे और प्रयास कर रहे हैं।

[Bhutan has denied several reports that it is repairing the canal so that the water flow continues smoothly. The Bhutan government said that the water flow in the canal was disrupted due to natural reasons, so they are making more efforts for the flow of water.]

दरअसल हर साल इस सीजन में भारत के किसान भारत-भूटान सीमा पर समद्रूप जोंगखार इलाके में जाते हैं और काला नदी के पानी को अपने खेतों में लाकर सिंचाई करते हैं। इस साल कोरोना वायरस के चलते भूटान ने भारतीय किसानों को एंट्री देने से इनकार कर दिया है। किसान भूटान की इस हरकत से बेहद परेशान हैं और सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं इससे पहले भूटान ने भारत से आने वाले पर्यटकों से हर दिन हजार रुपए से ज्याजा शुल्क वसूलने का फैसला किया था।

[In fact, every year in this season, farmers of India visit the Samundrup Jongkhar area on the Indo-Bhutan border and irrigate the Kala river water by bringing it to their fields. This year, due to Corona virus, Bhutan has refused to give entry to Indian farmers. The farmers are extremely upset with this act of Bhutan and are protesting on the streets. At the same time, Bhutan had decided to charge more than thousand rupees every day from tourists coming from India.]

गौरतलब है कि इससे पहले नेपाल ने बिहार में अपनी भूमि का दावा किया था, और भारत-नेपाल सीमा पर नदी तटबंधों के भारतीय मरम्मत कार्य को रोकने के लिए बाधाओं को खड़ा किया था। नेपाली अधिकारियों ने बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के अधिकारियों को सीमा पर तटबंध से संबंधित कार्य करने से रोक दिया था, यह दावा करते हुए कि यह क्षेत्र उसके क्षेत्र का हिस्सा है।

[Significantly, Nepal had earlier claimed its land in Bihar, and erected barriers to stop the Indian repair work of river embankments along the Indo-Nepal border. Nepalese authorities had barred officials of the Water Resources Department (WRD) of the Bihar government from carrying out embankment-related work at the border, claiming that the area is part of its territory.]

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