नई दिल्ली। भारत सरकार ने 59 ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसमें बेहद लोकप्रिय टिकटॉक भी शामिल है, जिसके भारत में करीब 20 करोड़ों फॉलोवर थे और काफी संख्या में लोग इसमें काम भी करते थे। बैन के बाद टिकटॉक के सीईओ केविन मेयर ने भारत में ऐप के लिए काम कर रहे अपने कर्मचारियों को चिट्ठी लिखी है। जिसमें उन्होंने कहा है कि हमने भारत में 20 करोड़ यूजर्स तक पहुंचने के लिए मेहनत की और लोगों को ये प्लेटफॉर्म दिया।

2018 से हमने कड़ी मेहनत की

टिकटॉक के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी केविन मेयर ने भारत में अपने कर्मचारियों को लिके पत्र में कहा है, टिकटॉक के जरिए हम इंटरनेट का लोकतंत्रीकरण करने की ओर बढ़े और काफी हद तक इसमें सफल भी हुए।

आगे भी भारत के कानून के तहत डाटा गोपनीयता और सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन करते हुए टिकटॉक काम करता रहेगा। उन्होंने कहा, 2018 से हमने यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत की है कि भारत में 20 करोड़ यूजर्स अपनी खुशी और रचनात्मकता को टिकटॉक पर जाहिर कर सकें और दुनिया के सामने रख सकें।

हमसे जो हो सकेगा, हम करेंगे

मेयर ने कर्मचारियों को अपने संदेश में कहा है कि हमारे कर्मचारी हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं और उनकी भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम 2,000 से ज्यादा अपने कर्मचारियों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि सकारात्मक अनुभव और अवसरों को बहाल करने के लिए जो भी हमारे लिए संभव होगा, किया जाएगा।

भारत में टिकटॉक सीईओ ने कहा, कोई नियम नहीं तोड़ा

टिकटॉक इंडिया के सीईओ निखिल गांधी ने कहा कि हम भारतीय कानून के तहत डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा के सभी नियमों का पालन कर रहे हैं। हमने चीन समेत किसी भी विदेशी सरकार के साथ भारतीय यूजर्स की जानकारी शेयर नहीं की है। अगर भविष्य में भी हमसे अनुरोध किया जाता है तो हम ऐसा नहीं करेंगे। हम यूजर की निजता की अहमियत समझते हैं।

बता दें कि 29 जून को भारत सरकार ने 59 चीनी ऐप्‍स को प्रतिबंधित कर दिया है। जिन एप्‍स को बैन किया गया है। इनमें टिकटॉक के अलावा यूसी ब्राउजर, वीचैट, ब्‍यूटीकैम, शेयरइट और कैम स्‍कैनर समेत एप्‍स शामिल हैं। सरकार ने अपने बयान में कहा है कि जो जानकारी सरकार के पास है उसके मुताबिक ये ऐप्स भारत की संप्रभुता और अखंडता, सुरक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरनाक हैं और उन्‍हें बढ़ाने वाली गतिविधियों में शामिल हैं।

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